Women Reservation Bill : विपक्षी दलों ने किया आधी आबादी के साथ विश्वासघात: बीएल वर्मा

राजनीति संवाददाता। शिखर संवाद 
Women Reservation Bill :
जिले के फोर लीफ होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चा के दौरान कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके ने महिला आरक्षण का विरोध कर अपनी महिला-विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है। वर्मा ने इसे देश की करोड़ों माताओं और बहनों के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात करार देते हुए आगामी चुनावों में विपक्ष को नारी शक्ति के कड़े आक्रोश की चेतावनी दी।

केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं की भागीदारी को उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल कोटा के भीतर कोटा और धर्म-आधारित आरक्षण जैसी असंवैधानिक मांगें उठाकर इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को केवल बाधित करने और तकनीकी बहाने बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वर्मा ने कहा कि विपक्ष को डर है कि यदि महिलाओं को उनके अधिकार मिल गए, तो उनकी बची-खुची राजनीतिक जमीन भी खिसक जाएगी।

गृहमंत्री अमित शाह के रुख को दोहराते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन एक संवैधानिक दायित्व है जिससे प्रतिनिधित्व में संतुलन आएगा। उन्होंने विपक्ष के उस प्रचार को सिरे से खारिज कर दिया कि इससे दक्षिण भारत को नुकसान होगा, उन्होंने आश्वस्त किया कि परिसीमन से दक्षिण भारत सहित किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा, बल्कि और मजबूत होगा।

मंत्री ने पूर्ववर्ती घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जो दल शाह बानो मामले और तीन तलाक जैसी प्रथाओं के समर्थक रहे हैं, वे महिलाओं को समान हक देने का विचार कभी स्वीकार नहीं कर सकते। अंत में उन्होंने दोहराया कि बीजेपी महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र की मजबूती के लिए इन ताकतों के खिलाफ अडिग होकर लड़ती रहेगी, क्योंकि देश की महिलाएं अब मूक दर्शक नहीं बल्कि चुनावी परिणामों को बदलने वाली सक्रिय प्रतिभागी हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ